अम्ल की परिभाषा-

अम्ल की परिभाषा

1-अम्ल के उपयोग (Uses of acid) –

  • सल्फ्यूरिक अम्ल का उपयोग संचायक सेल में होता है।
  • कपड़ा से जंग के दाग धब्बे हटाने के लिए ऑक्जेलिक अम्ल का प्रयोग किया जाता है।
  • लोहे पर जस्ते की परत चढ़ाने (galvanising) से पहले उसे H2SO4 एवं NHO3 से साफ किया जाता है।
  • NHO3 का उपयोग गहनों की सफाई में किया जाता है।
  • NHO3 का उपयोग धातुओं के ऊपर खुदाई करने में रंग उर्वरक विस्फोटक दवाई इत्यादि बनाने में भी होता है।
  • HCL खाना पचाने में सहायक होता है जो हमारे अमाशय की ग्रंथियों से स्रावित होता है।
  • HCL का उपयोग स्टार्च से ग्लूकोज बनाने में उत्प्रेरक रूप में होता है।

★ सभी खनिज अम्ल जैसे HCL, S2SO4 और NHO3 प्रबल ऑक्सीकारक अम्ल है तथा कार्बनिक अम्ल जैसे, साइट्रिक एसिड, फार्मिक एसिड, ऐसीटिक एसिड दुर्बल अम्ल में आते हैं।

अम्ल की परिभाषा
अम्ल की परिभाषा


★ सभी अम्ल में हाइड्रोजन समान रुप से विद्यमान होता हैं।H2SO4 को रसायन का राजा कहा जाता है।
★ अम्लराज (Aqua regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और नाइट्रिक अम्ल (3:1) का मिश्रण है, इस अम्ल में सोना तथा प्लेटिनियम भी घुल जाता है।


★ कार्बन डाइऑक्साइड जल में घुलकर कार्बनिक अम्ल का निर्माण करती है।

★ आयल ऑफ़ विड्रॉल S2SO4 को कहा जाता है।

★ ग्लाइकोलिसिस में विघटन के फलस्वरुप एक ग्लूकोज अनु में दो पयरुविक अम्ल बनते हैं।

★ कॉपर सल्फेट का जलीय विलयन अम्लीय होता है।

अम्ल की परिभाषा
अम्ल की परिभाषा

★ मूत्र में यूरिक अम्ल की मात्रा 0.5% होती है। यूरोक्रोम के कारण मूत्र का रंग पीला होता है तथा अमोनिया के कारण इसमें गंध होता है।

★ सर्वाधिक अम्लीय वर्षा नार्वे में होती है। 

★सॉफ्ट ड्रिंक में कार्बोलिक अम्ल मिलाने के कारण सुरसुराहट की आवाज होती है।

★Gibberellic acid को पादप वृद्धि अम्ल तत्व कहा जाता है।

★ अम्ल तथा भस्म की प्रतिक्रिया से लवन का निर्माण होता है।

★सोडियम क्लोराइड (NaCl) साधारण नमक है, इस नमक को टेबल सॉल्ट भी कहा जाता है। टेबल साल्ट का निर्माण HCL और सोडियम हाइड्रोक्साइड के प्रतिक्रिया से बनता है ।

★ जो अम्ल अधिक मात्रा में हाइड्रोजन आयन उत्पन्न करता है, उसे प्रबल अम्ल कहा जाता है और जो अम्ल कम मात्रा में हाइड्रोजन आयन उत्पन्न करता है, उन्हें दुर्बल अम्ल कहा जाता है।


★ जिस अम्ल में हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन दोनों के परमाणु उपस्थित हो उसे आक्सी-अम्ल कहा जाता हैं। जैसे- सल्फ्यूरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड।


★ अकार्बनिक अम्ल के साथ धातु की प्रतिक्रिया होने पर हाइड्रोजन गैस निकलती है।


★ अम्लों में सबसे शक्तिशाली अपचायक नाइट्रिक एसिड (HNO3) है।

अम्ल की परिभाषा
अम्ल की परिभाषा

2-अम्लों के रासायनिक गुण :

अम्ल धातु आक्साइडों के साथ क्रिया करके लवण और जल बनाते हैं।

{\displaystyle \mathrm {CaO+2\ HCl\longrightarrow \ CaCl_{2}+\ H_{2}O} }

एम्फोटेरिक आक्साइडों के साथ क्रिया करके लवण और जल बनाते हैं।

{\displaystyle \mathrm {ZnO+2\ HNO_{3}\longrightarrow \ Zn(NO_{3})_{2}+\ H_{2}O} }

क्षारों के साथ क्रिया करके लवण व जल बनाते हैं (उदासीनीकरण अभिक्रिया)

{\displaystyle \mathrm {NaOH+\ HCl\longrightarrow \ NaCl+\ H_{2}O} }

अघुलनशील क्षारों के साथ क्रिया करके लवन और जल बनाते हैं।

{\displaystyle \mathrm {Cu(OH)_{2}\downarrow +\ H_{2}SO_{4}\longrightarrow \ CuSO_{4}+2\ H_{2}O} }

लवणों के साथ क्रिया

{\displaystyle \mathrm {BaCl_{2}+\ H_{2}SO_{4}\longrightarrow \ BaSO_{4}\downarrow +2\ HCl\uparrow } }

शक्तिशाली अम्ल, कमजोर अम्लों के मूलकों को विस्थापित कर देते हैं।

{\displaystyle \mathrm {K_{3}PO_{4}+3\ HCl\longrightarrow 3\ KCl+\ H_{3}PO_{4}} }
{\displaystyle \mathrm {Na_{2}CO_{3}+2\ HCl\longrightarrow 2\ NaCl+\ H_{2}O+\ CO_{2}\uparrow } }

(इस क्रिया में अस्थायी कार्बोनिक अम्ल  का निर्माण होता है जो तुरन्त पानी और कार्बन डाईआक्साइड में टूत जाता है।)
धातुओं के साथ क्रिया

{\displaystyle \mathrm {Mg+2\ HCl\longrightarrow \ MgCl_{2}+\ H_{2}\uparrow } }

नाइट्रिक अम्ल और सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल क्रिया अलग प्रकार से होती है-

{\displaystyle \mathrm {Mg+2\ H_{2}SO_{4}\longrightarrow \ MgSO_{4}+\ SO_{2}\uparrow +2\ H_{2}O} }

। कार्बनिक अम्ल, अल्कोहल के साथ क्रिया करके इस्टर और जल बनाते हैं। इसे इस्टरीकरण क्रिया कहते हैं।

{\displaystyle \mathrm {R_{1}-COOH+\ R_{2}-OH\longrightarrow \ R_{1}-COO-R_{2}+\ H_{2}O} }

उदाहरण

{\displaystyle \mathrm {CH_{3}COOH+\ C_{2}H_{5}OH\longrightarrow \ CH_{3}COOC_{2}H_{5}+\ H_{2}O} }

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