जनसंख्या विस्फोट से उत्पन्न दो समस्याएं।

जनसंख्या विस्फोट से उत्पन्न दो समस्याएं।

जनसंख्या विस्फोट से उत्पन्न समस्याएं-

1-भरण पोषण की समस्या

2-आवास की समस्या

3-बेरोजगारी

4-भुखमरी तथा अकाल

5-कुपोषण

6-आर्थिक विकास की निम्न दर

1-परिवार-नियोजन-

 अच्छे राष्ट्र के लिए आवश्यक है कि उसके निवासी स्वस्थ हों और देश की सम्पदा के अनुरूप उनकी संख्या हो। इसके लिए परिवार नियोजन के आधुनिक चिकित्सा तथा औषधि साधन अपनाए जाने चाहिए। इसक प्रचार उचित तरीकों से किया जाना चाहिए।

2-विवाह की आयु में वृद्धि- 

लड़के और लड़कियों के विवाह की न्यूनतम उम्र बढ़ायी जाए। भारत में विवाह की उम्र लड़कियों के लिए 18 वर्ष तथा लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित की गई है। इसकी अनुपालना सारे देश में दृढ़ता से की जानी चाहिए। इसके लिए दृढ़ राजनीतिक इच्छा व स्वच्छ प्रशासन तन्त्र अनिवार्य है।

3-सन्तति सुधार- 

जनसंख्या में गुणात्मक सुधार करना भी आवश्यक है। सन्तानों के बीच की दूरी कम से कम पाँच वर्ष होनी चाहिए एवं प्रति परिवार दो सन्तान से अधिक नहीं होनी चाहिए।

4-सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार- 

मानव की आर्थिक क्षमता बनाए रखने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा सफाई पर ध्यान देना आवश्यक है। प्रत्येक कस्बे में नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदूषण मुक्त एवं स्वच्छ पर्यावरण पर बल दिया जाना चाहिए।

5-भूमि का आदर्श विधि से उपयोग करना- 

बढ़ती हुई जनसंख्या के भार को कम करने का एक ढंग भूमि का वैज्ञानिक एवं उचित नियोजन करना है।

6-आर्थिक विकास की निम्न-दर

भारत में तीव्र गति से बढ़ती हुई जनसंख्या देश के आर्थिक विकास की दर से कहीं आगे बढ़ती जा रही है। इसी कारण आज भी देश की लगभग 26% जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे अपना जीवन यापन कर रही है।

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