न्यूलैंड्स के अष्टक सिद्धांत की क्या सीमाएं हैं-

न्यूलैंड्स के अष्टक सिद्धांत की क्या सीमाएं हैं-

(ii) न्यूलैंड्स के कल्पना की थी कि प्रकृति में केवल 56 तत्व विद्यमान हैं और भविष्य में कोई अन्य तत्व नहीं मिलेगा। लेकिन, बाद में कई नये तत्व पाए गये जिनके गुणधर्म, अष्टक सिद्धांत से मेल नहीं खाते थे।

(iii) अपनी सारणी में तत्वों को समंजित करने के लिए न्यूलैंड्स ने दो तत्वों को एक साथ रख दिया था और कुछ असमान तत्वों को एक स्थान में रख दिया था जैसे कोबाल्ट तथा निकैल एक साथ में हैं। इन्हें एक साथ उसी स्तंभ में खा गया है जिसमें फ्लुओरीन, क्लोरीन एवं ब्रोमीन हैं चाहे इनके गुणधर्म उन तत्वों से भिन्न हैं। आयरन को कोबाल्ट और निकैल से दूर रखा गया है जबकि उनके गुणधर्मों में समानता होती है।

(iv) न्यूलैंड्स अष्टक सिद्धांत केवल हल्के तत्वों के लिए ठीक से लागू हो पाया है।

उदाहरण-कोबाल्ट तथा निखिल को एक ही स्थान पर रखा गया है परंतु इन्हें क्लोरीन क्लोरीन तथा ब्रोमीन से सर्वथा भिन्न है दूसरी और आयरन जो कि गुणों में कोबाल्ट तकनीकी के समान है को इनसे दूर नेस्तम में रखा जाता है।

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