रासायनिक अभिक्रिया एवं समीकरण

रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण

अपने दैनिक जीवन की निम्नलिखित प्रस्तुतियों पर ध्यान दीजिए और विचार कीजिए कि क्या होता है।जब

1-गर्मियों में कमरे के ताप पर दूध को खुला छोड़ दिया जाता है।

2-लोहे का तवा तसला कील को आद्र वायुमंडल में खुला छोड़ दिया जाता है।

3-भोजन पकाया जाता है।

4-हम सांस लेते हैं।

इन सभी परिस्थितियों में प्रारंभिक वस्तु की प्रकृति तथा पहचान कुछ ना कुछ बदल जाती है।पदार्थ के भौतिक तथा रासायनिक परिवर्तनों के बारे में हम पिछली कक्षाओं में पड़ चुके हैं।जब कोई रासायनिक परिवर्तन होता है।तो हम कह सकते हैं।कि रासायनिक अभिक्रिया हुई है

रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण
रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण

रासायनिक समीकरण लिखना-

क्या रासायनिक समीकरण के निरूपण कि इससे भी संक्षिप्त विधि है शब्दों की जगह रासायनिक सूत्र का उपयोग करके रासायनिक समीकरणों को अधिक संक्षिप्त तथा उपयोगी बनाया जा सकता है रासायनिक समीकरण किसी रासायनिक अभिक्रिया को दर्शाता है।

संतुलित रासायनिक समीकरण का महत्व-

आपको द्रव्यमान के संरक्षण का नियम स्मरण होगा।जिसका आपने नवी कक्षा में अध्ययन किया था किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का ना तो निर्माण होता है।ना ही विनाश अर्थात किसी भी रासायनिक अभिक्रिया के उत्पाद तत्व का कुल द्रव्यमान अधिक कारक तत्वों के कुल द्रव्यमान के बराबर होता है।दूसरे शब्दों मैं रासायनिक अभिक्रिया के पहले एवं उसके पश्चात प्रत्येक तत्व के परमाणु की संख्या समान रहती है। इसलिए हमें कंकाली समीकरण को संतुलित करना आवश्यक है।

क्या आपने दैनिक जीवन में उपचयन अभीक्रियाओं के प्रभाव को देखा है-

आपने अवश्य देखा होगा कि लोहे की बनी नई वस्तुएं चमकीली होती है।लेकिन कुछ समय पश्चात उन पर लालिमायुक्तभूरे रंग की परत चढ़ जाती है।इस प्रक्रिया को लोहे पर जंग लगना कहते हैं कुछ अन्य धातुओं में भी ऐसा ही परिवर्तन होता है।क्या आपने चांदी तथा तांबे पर चढ़ने वाली परत के रंग पर ध्यान दिया है।कुछ अन्य धातुओं में भी ऐसा ही परिवर्तन होता है क्या आपने चांदी तथा तांबे पर चढ़ने वाली परत के रंग पर ध्यान दिया है।जब कोई धातु अपने आसपास आद्रता आदि के संपर्क में आती है।तब यह संचारित होती है।और इस प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं।चांदी के ऊपर काली परत वह तांबे के ऊपर हरि पर चढ़ना संक्षारण के अन्य उदाहरण है।

विकृतगंधिता-

वसायुक्त अथवा तेलीय खाद्य सामग्री जब लंबे समय तक रखा रह जाता है तब उसका स्वाद या गंद कैसी होती है।

उपचारित होने पर तेल एवं वसा विकृत गंदी हो जाती है।तथा उनके स्वागत तथा गंध बदल जाते हैं।राजा तेलिया तथा वसायुक्त खाद्य सामग्रियों में उपचयन रोकने वाले पदार्थ मिलाए जाते हैं।वायु रोधी बर्तनों में खाद्य सामग्री रखने से उपचयन में से ऑक्सीजन हटाकर उस में नाइट्रोजन जैसे कम सक्रिय गैस से युक्त कर देते हैं।ताकि चिप्स का उपचयन ना हो सके।

आपने क्या सीखा-

1-एक पूर्ण रासायनिक समीकरण अभिकारक उत्पाद एवं प्रतीकात्मक रूप से उन की भौतिक अवस्था को प्रदर्शित करना।

2-संयोजन अभिक्रिया में दो या दो से अधिक पदार्थ मिलकर एक नया पदार्थ बनाते हैं।

3-वियोजन अभिक्रिया संयोजन अभिक्रिया के विपरीत होती है वियोजन अभिक्रिया में एकल पदार्थ आयोजित को कर दो या दो से अधिक पदार्थ देता है।

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