बायोगैस के लाभ और हानि।

बायोगैस के लाभ और हानि।

बायोगैस एक ज्वलनशील गैसीय मिश्रण है। मिश्रण में मुख्यताया मीथेन तथा CO, होती हैं। इस गैस के उत्पादन में पशुओं तथा मनुष्यों के मल मूत्र का उपयोग होता है। इसमें एक ‘ पाचन प्रक्रिया का प्रयोग किया जाता है।

बायोगैस के लाभ और हानि।
बायोगैस के लाभ और हानि।

जिसके द्वारा मवेशियों का गौबर, मानव मलमूत्र, अन्य जानवरों व पक्षियों का मलमूत्र एवं कुछ प्रकार की वनस्पतियों को सड़ाने या किण्वन (Fermentation) से ज्वलनशील मीथेन गैस एवं उच्च कोटि का खाद (Manure) दोनों ही वस्तुएं एक साथ प्राप्त की जा सकती है । इस संयंत्र में मुख्य रूप से मवेशियों का गोबर उपयोग में लाया जाता है।

अतः इसे गोबर गैस संयंत्र भी कहते हैं , परन्तु आजकल गोबर के अलावा अन्य पदार्थ भी उपयोग में लाए जाते हैं इसलिए इसे अब ‘बायोगैस संयंत्र’ कहा जाने लगा है।

बायोगैस के लाभ (Advantages of Biogas)-

  1. बायोगैस एक नवीनीकरण स्त्रोत है।
  2. बायोगैस एक प्रदूषणरहित ईंधन है क्योंकि यह वातावरण में कार्बन डाई ऑक्साइड को उत्सर्जित नहीं करता।
  3. इसका एक अन्य लाभ यह है कि इसका प्रयोग विद्युत उत्पादन लिए किया जा सकता है। इसका प्रयोग उसी उपकरण में किया जा सकता है। जिसमें पारम्परिक ईंधन का प्रयोग किया जाता है।
  4. बायोमास/बायोगैस में उच्च ऊर्जा दक्षता है।
  5. यह एक मुख्य ऊर्जा स्त्रोत है जो कि सम्पूर्ण आर्थिक विकास में मुख्य भूमिका निभा सकती है।
  6. बायोगैस ग्रामीण क्षेत्रा में विद्युत, ईंधन आदि प्रदान करता है। जिसके वहां रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार होता है।
  7. बायोगैस से वनों की कटाई रोकने में सहायता मिलती है।

बायोगैस से हानियां (Disadvantages of Biogas) –

  • यह एक धीमा व समय लेने वाली प्रक्रिया है।
  • बायोगैस से कुछ आबादी तक की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकता।
  • बायोगैस संयंत्र को मकान के पास ही बनाना आवश्यक है नहीं तो गैस पाइप लाइन में खर्च अधिक होगा व गैस का दबाव भी कम हो सकता है।

प्रश्न ओर अत्तर (FAQ)

बायोगैस किसे कहते हैं

बायोगैस एक ज्वलनशील गैसीय मिश्रण है। मिश्रण में मुख्यताया मीथेन तथा CO, होती हैं। इस गैस के उत्पादन में पशुओं तथा मनुष्यों के मल मूत्र का उपयोग होता है। इसमें एक ‘ पाचन प्रक्रिया का प्रयोग किया जाता है।

बायोगैस का एक लाभ बताइए।

बायोगैस एक प्रदूषणरहित ईंधन है क्योंकि यह वातावरण में कार्बन डाई ऑक्साइड को उत्सर्जित नहीं करता।

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