सड़क पर साइकिल कैसे चलाएं? | सड़क पर साइकिल चलाने के नियम

सड़क पर साइकिल कैसे चलाएं?

साइकिल-सवारी अपने में एक मजेदार सवारी है। कुछ लोग इसे व्यायाम के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं। साइकिल बढ़िया किस्म की हो तो और भी मजा आता है। रेसिंग साइकिलें तो खासा समा बांधती हैं। इन पर लोग दूर-दूर तक घूम आते हैं।

लेकिन साइकिल मोटर-युक्त वाहनों से तेज नहीं चल सकती। इसलिए वे लोग जो सड़कों पर मोटर-युक्त वाहनों से इनकी दौड़ लगाना शुरू कर देते हैं, ख्वाहमख्वाह का खतरा मोल लेते हैं। दरअसल, साइकिल चलाने के भी कुछ नियम हैं, आओ, उन पर भी एक नजर डालें।

सड़क पर साइकिल चलाने के नियम | sadak per cycle chalane ke niyam

  1. साइकिल चलाना सड़क पर नहीं सीखना चाहिए।उसके लिए किसी खुली जगह या मैदान को चुनो। सड़क पर तभी उतरो, जब ठीक से साइकिल चलाना सीख लो।
  2. साइकिल की सीट का ठीक अवस्था में होना भी जरूरी है। न सीट बहुत नीची हो और न ही बहुत ऊंची। दोनों अवस्थाओं में ही पैडल चलाने में परेशानी होती है।‌ बस, सीट उतनी ही ऊंची हो जिससे पैर जमीन पर टिक सकें। इससे गिरने की संभावना बहुत कम रहती है।
  3. पिछले मडगार्ड के आखिरी छोर के छः इंच के हिस्से पर सफेदा या सफेद रोगन लगा होना चाहिए और रिफ्लेक्टर को भी ठीक हालत में होना चाहिए। इससे अंधेरे में पीछे से आते वाहन की लाइट पड़ने पर तुम्हारी स्थिति स्पष्ट पता चलेगी। कई बार साइकिल सवार रात को इसीलिए तेज वाहनों की चपेट में आ जाते हैं कि उनकी साइकिलों के पीछे न ही रिफ्लेक्टर होता है और न ही सफेदा।
  4. साइकिल बहुत तेज सवारी नहीं है। इसलिए साइकिल सवार के लिए सड़क के बीचोबीच चलना खतरनाक है। हमेशा सड़क के बायें ही चलो। टेढ़े-मेढ़े ढंग से साइकिल चलाना भी ठीक नहीं। इससे तो ख्वाहमख्वाह में किसी से टकरा जाने का खतरा बना रहता है। यानी साइकिल की सवारी करते समय सर्कस के करतब मत दिखाओ।
  5. आम तौर पर साइकिल के पीछे दूसरी सवारी नहीं बैठानी चाहिए। यह एक ही व्यक्ति की सवारी है।
  6. जब तुम अपने दूसरे साइकिल सवार साथियों के साथ स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रहे हो तो सड़क पर एकसाथ बराबर मत चलो। इससे सड़क घिर जाएगी और दूसरे वाहन चालकों को परेशानी होगी। इसलिए एक-दूसरे के पीछे ही चलो।
  7. बहुत भीड़-भाड़ वाली सड़कों पर साइकिल ट्रैक बने रहते हैं। इसलिए उन्हीं का इस्तेमाल करो। बहुत ज्यादा भीड़ हो तो भीड़ वाला वह हिस्सा साइकिल से उतरकर पैदल पार करो।
  8. तेज वाहनों के बीच अपनी साइकिल ले जाने की कोशिश मत करो। इसी असावधानी के कारण कई साइकिल सवार अपनी जान गंवा बैठते हैं।
  9. अपने से आगे जा रहे वाहन से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है। इतनी दूरी रहे कि यदि वह एकदम ब्रेक लगाये तो तुम उससे टकराओ नहीं।
  10. सड़क पार कर रहे या पैदल जा रहे लोगों का वैसे ही ख्याल रखो जैसे कि किसी तेज वाहन चालक को रखना चाहिए।
  11. जहां लोग बसों से उतर रहे हों, वहां अपनी साइकिल धीमी रखो।
  12. सड़क पर रुके वाहनों के बहुत पास से मत गुजरो। हो सकता कोई अचानक अपने वाहन का दरवाजा खोल दे या वाहनों के बीच से निकल आए।
  13. गीली और चिकनी सड़क पर साइकिल सावधानी से चलाओ। कीचड़ हो तो और भी सावधानी से।
  14. साइकिल की ब्रेक, घंटी और टायर सब ठीक हालत में होने चाहिए। ब्रेक का ठीक होना तो बहुत जरूरी है।उसी से साइकिल तुम्हारे काबू में रह पाएगी वरना बेकाबू होने पर किसी से भी जा टकराएगी। इसी प्रकार साइकिल में घंटी होना भी उतना ही जरूरी है। घंटी से हम राह रोकने वालों को सावधान कर सकते हैं। टायरों का अच्छी हालत में होना भी कम जरूरी नहीं। घिसे टायर कई तरह की मुसीबत खड़ी करते हैं। एक तो उनके कारण साइकिल फिसलती बहुत जल्दी है। दूसरे, घिसे टायर में कील-कांटा आसानी से घुस जाता है जिससे पंक्चर हो जाता है।

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